yah sadak mee ganv ko nahi jati लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
yah sadak mee ganv ko nahi jati लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

गुरुवार, 4 मार्च 2021

यह सड़क मेरे गांव को नही जाती

#व्योमवार्ता/ यह सड़क मेरे गांव को नही जाती / व्योमेश चित्रवंश की डायरी, 4मार्च 2021


कल सायं प्रख्यात हिन्दी समीक्षक,लेखक और गुरूवर डाॅ०राम सुधार सिंह सर Ram Sudhar Singh ने फोन कर यह सड़क मेरे गांव को नही जाती के लिये यह कहते हुये बधाई दिया कि "अभी तुम्हारी किताब पढ़ के उठा हूँ,आज से पहले ग्रामीण जीवन पर इससे सुंदर व भावप्रधान संस्मरण मैने नही पढ़ा था।" लगे हाथ मैने सर से समीक्षा की माँग कर डाली तो सर ने आश्वस्त किया है कि हफ्ते दस दिन मे वे लिख देगें।

राम सुधार सर के समीक्षा की प्रतीक्षा की हमारी उत्सुकता इसलिये महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि वे मेरे शुरूआती लेखन को ऊंगली पकड़ कर सिखाने और सुधारने वालों मे से हैं। विश्वास है कि सर की समीक्षा फिर कुछ नया सिखलायेगी।
🙏आपके स्नेह से अभिभूत हूँ सर🙏
(बनारस,4 मार्च 2021, गुरूवार)
#यह_सड़क_मेरे_गांव_को_नही_जाती
#व्योमवार्ता