Vyomesh Chitravansh; व्योमेश चित्रवंश 09042016 लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
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रविवार, 10 अप्रैल 2016

एक बार फिर गिनिज रिकार्ड बनारस के नाम: व्योमेश चित्रवंश की डायरी, 09 अप्रैल 2016,शनिवार

एक बार फिर गिनिज रिकार्ड बनारस के नाम

बनारस की बेटी सोनी चौरसिया ने आज बनारस का नाम विश्व में ऊंचा किया है! जिसके लिए उसे दिल की गहराइयों से★★★बहुत बहुत बधाई हो★★★

वाराणसी: वाराणसी की बेटी सोनी चौरसिया ने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाते हुए अपना नाम गिनीज बुक ऑफ़ रिकॉर्ड में दर्ज करा लिया है। सोनी के कोच राजेश डोगरा ने बताया कि शनिवार देर शाम 9 बजकर 23 मिनट पर यह रिकॉर्ड सोनी ने अपने नाम किया। उसने लगातार 124 घंटे तक कथक डांस कर यह उपलब्धि हासिल की।

बता दें, इसके पहले यह रिकॉर्ड केरल की हेमलता कमंडलु के नाम था। उन्होंने 123 घंटे 15 मिनट डांस कर यह रिकॉर्ड बनाया था। 124 घंटे पूरे होने के बाद भी साेनी का डांस अब भी जारी है। सोनी का कहना है कि जब तक उनका शरीर साथ देगा वो डांस करती रहेंगी।

सोनी की इस उपलब्धि को हासिल करते ही लोगों में ख़ुशी की लहर दौड़ पड़ी। सोनी, उनके कोच राजेश डोगरा, और उनके परिवार के अन्य लोग फूले नहीं समा रहे हैं।

माउंट लिट्रा स्कूल में बना यह रिकॉर्ड
सोनी चौरसिया ने मोहनसराय स्थिल माउंट लिट्रा जी स्कूल में यह रिकॉर्ड बनाया है। डांस की शुरुआत करने से पहले सोनी लगातार तीन दिन तक कथक करने का अभ्यास कर चुकी थीं।

पिछली बार टूटा था सोनी का सपना
सोनी चौरसिया ने पिछले साल वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास किया था लेकिन असफल रही थी। आर्य महिला पीजी कॉलेज में 14 से 17 नवंबर तक सोनी ने 87 घंटे 18 मिनट तक कथक किया था लेकिन थकान की वजह से वह गिर गई थीं और उनका वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का सपना टूट गया था।

शनिवार, 9 अप्रैल 2016

व्योमेश चित्रवंश की डायरी: स्कूलो मे लूट, 09 अप्रैल 2016, शनिवार

स्कूलों में लूट ..........

आज बैठे बैठे स्कूलों के शुल्क संरचना के विषय मे सोच रहा था। समाज मे शिक्षा के प्रसार व दान के नाम पर चलने वाला यह व्यापार किस तरह काम करता है इसका आकलन करते हुये यह महसूस किया कि यदि इस व्यापार पर जल्दी ही कोई नियंत्रणातम्क व्यवस्था नही लागू की गयी तो वह दिन दूर नही जब शिक्षा के नाम पर चलने वाले यह संगठन आर्थिक भ्रष्टाचार के सबसे बड़े तंत्र बन जायेगें।
एक उदाहरण के लिये हमने सी क्लास के एक शहर के मध्यम वर्गीय विद्यालय को लिया। मान लें कि अगर स्कूल में  7000 बच्चे हैं Annual fee building fund ke sath 5000/- rs hai ,
7000*5000=35000000 , यानी कि तीन करोड़ पचास लाख रुपये यह रकम आप से बिना वजह लेते है बिलिंडग और ऐनुयल फडं के रूप मे , यह फडं स्कूल लगाता कहा है ?? कही नही...............
अब टयुश्न फीस 1400/- महीना  यानी 7000 बच्चे , 7000*1400 =9800000 रुपये प्रति महीना और स्कूल का खर्च 160 मैडम कर्मचारी लगभग 160*20000=3200 000 बत्तीस लाख साथ में मैनटेंनस 1800000 अठारह लाख रुपये यह भी मैंने ज्यादा गिन दिए टोटल हुए 50000000 पचास लाख रुपये  ................
आया प्रति महीना 98000000 और खर्च हुआ 50000000 बाकी बचे 48000000 अरतालिस  लाख रुपये महीना ,अब कम्प्यूटर के लिए 100 रुपये प्रति महीना 5000*100=500000 पांच लाख रुपये प्रति महीना लगता लगभग लाख रुपये महीना बाकी बचे 400000 रुपये टोटल हुए बावन लाख रुपये महीना ,फिर यह ऐनुयल फीस और बिलिंडग फंड क्यो ??
यहां ना तो सरकार देखती है ना ही कोई विभाग .....................
टैक्स के लिए सभी लोगों को ऊपर गिद्ध दृष्टि लगा  कर मडंराते रहने वाले आयकर विभाग की भी स्कूलों पर निगाह नहीं है ।

व्योमेश चित्रवंश की डायरी : नवरात्रि का दूसरा दिन और अपना बनारस, 09 अप्रैल 2016, शनिवार

बनारस के रेसम कटरा मे सुबह ५.४५ पर

बनारस गजब का नगर है...........!!
जहां हर कोई "गुरु" है,
चेला कोई नही,
और
हर कोई " राजा " है,
प्रजा कोई नही।
एक कहता है कि " कागुरु "
दूसरा कहता है " हाँ गुरु "।
एक कहता है " काराजा "
दूसरा कहता है " हाँ राजा "।
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और तो और बनारस की पतली सी गली में
एक ओर से मोटरसाइकिल तो
दूसरी ओर से सांड आमने-सामने होने पर ,
सांड बड़ी समझदारी से अपनी गर्दन एक तरफ झुकाकर रास्ता दे देता है।
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एक ऐसा शहर जहां कोई ड्रेस कोड नही है....
एक " गमछा "कमर से लपेटकर दूसरा गमछा कन्धे पर रखकर नंगे बदन पूरा बनारस घूम आइये,
न कोई टोकेगा और न ही खुद बिना कपड़ों के होने का एहसास होगा।।
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शायद इसीलिए बनारसी लोग बड़े शान से कहते हैं..
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" ई राजा बनारस है।
.हरऽऽऽऽऽऽ हरऽऽऽऽऽऽ महाऽऽऽदेव